हम वही करते हैं जो दिल को अच्छा लगता हैं| अब ना डर हैं जमाने का ना डर हैं मुसीबत के आने का | बस मन करे वो लिखते हैं, ना अब छिपते हैं ना छिपाते हैं | यहाँ संग्रह हैं तुकबंदियों का, कोशिश रहेगी की जब जब मौका मिले, नए नए डालता रहूँ|
Sunday, October 11, 2015
नज़्म #१४
उस दिन जिंदगी में पहली बार ये एहसास हुआ,
कि उसने जितनी exams ली, मैं उन सब में Pass हुआ,
फिर भी न जाने क्यों वो कहती रही मैं fail आदमी हूँ ?
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