जिसने जिंदगी में खुशियाँ और मुस्कुराहटें लायी थी,
उसके जाने पर आँसू कैसे बहा लेते हो दोस्त?
मतलब तो ये हुआ फिर कि वो सिखाती कुछ रही तुम सिखते कुछ और रहे,
और बेवजह अपनी गलतियों का इल्जाम उसके सर सारी जिंदगी मारते रहे.
उसके जाने पर आँसू कैसे बहा लेते हो दोस्त?
मतलब तो ये हुआ फिर कि वो सिखाती कुछ रही तुम सिखते कुछ और रहे,
और बेवजह अपनी गलतियों का इल्जाम उसके सर सारी जिंदगी मारते रहे.
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