हम वही करते हैं जो दिल को अच्छा लगता हैं| अब ना डर हैं जमाने का ना डर हैं मुसीबत के आने का | बस मन करे वो लिखते हैं, ना अब छिपते हैं ना छिपाते हैं | यहाँ संग्रह हैं तुकबंदियों का, कोशिश रहेगी की जब जब मौका मिले, नए नए डालता रहूँ|
Saturday, September 26, 2015
कुछ तुकबंदिया #१६
एक दिन मेरा भी वहां आशियाँ होगा,
जहां बसा हुआ उसका खुदा होगा |
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