Friday, September 25, 2015

कुछ तुकबंदिया #८

जिसने वक़्त की कगार पर, कर ली नौकरी २ रु. की पगार पर, वैसा आज का हमारा engineer हैं, ऐसा लाचार-बेबस हमारा engineer हैं |

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