Friday, September 25, 2015

नज्म #११

मैं उसे आज भी ढूंढता-फिरता हूँ गलियों -चौबारों में, बस एक सवाल पूछने के लिए कि, क्यों उसने बेवफाई भर दी हमारे प्यार के गुब्बारों में?

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