हम वही करते हैं जो दिल को अच्छा लगता हैं| अब ना डर हैं जमाने का ना डर हैं मुसीबत के आने का | बस मन करे वो लिखते हैं, ना अब छिपते हैं ना छिपाते हैं | यहाँ संग्रह हैं तुकबंदियों का, कोशिश रहेगी की जब जब मौका मिले, नए नए डालता रहूँ|
Friday, September 25, 2015
कुछ तुकबंदिया #१३
आज भी कुछ बेहोश सा हो जाता हूँ, जब डूबता हूँ उसकी black-black eyes में,
कि एक अजीब सी उंचाई होती हैं खूबसूरती की जैसे blue-blue skies में |
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