हम वही करते हैं जो दिल को अच्छा लगता हैं| अब ना डर हैं जमाने का ना डर हैं मुसीबत के आने का | बस मन करे वो लिखते हैं, ना अब छिपते हैं ना छिपाते हैं | यहाँ संग्रह हैं तुकबंदियों का, कोशिश रहेगी की जब जब मौका मिले, नए नए डालता रहूँ|
Wednesday, October 22, 2014
कुछ तुकबंदिया - #7
उसका दिल जलाने में एक अलग सा मजा है
उसकी नींदे चुराने की भी मजेदार जो सजा हैं
उसके ख्वाबों में सिसक जाने की एक वजह हैं
वही इश्क का बाजा अब मेरे भीे दिल में बजा हैं!
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