हम वही करते हैं जो दिल को अच्छा लगता हैं| अब ना डर हैं जमाने का ना डर हैं मुसीबत के आने का | बस मन करे वो लिखते हैं, ना अब छिपते हैं ना छिपाते हैं | यहाँ संग्रह हैं तुकबंदियों का, कोशिश रहेगी की जब जब मौका मिले, नए नए डालता रहूँ|
Tuesday, October 21, 2014
कुछ तुकबंदिया - #४
मेरा मन करता हैं आज भी बहुत
एक मजाक समझकर सब भूल जाऊ
लेकिन मजाक न हुआ ये तो सच्चाई हैं
कैसे समझाऊ कितनी इसकी गहराई हैं
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