एक आंधी आयी थी जोरो की
सब कुछ उड़ाकर ले गयी
बस थोड़ी जान बची थी मुझमें
वो भी उडाकर ले गयी
थोड़े से ख्वाब छुपे थे मन में वो भी उडाकर ले गयी अरमानो की अलमारी से अरमान चुराकर ले गयी
मेरे नमी सी आँखों के आँसू भी चुराकर ले गयी एक आंधी आयी थी जोरो की सब कुछ उड़ाकर ले गयी सब कुछ चुराकर ले गयी।।
थोड़े से ख्वाब छुपे थे मन में वो भी उडाकर ले गयी अरमानो की अलमारी से अरमान चुराकर ले गयी
मेरे नमी सी आँखों के आँसू भी चुराकर ले गयी एक आंधी आयी थी जोरो की सब कुछ उड़ाकर ले गयी सब कुछ चुराकर ले गयी।।
No comments:
Post a Comment