हम वही करते हैं जो दिल को अच्छा लगता हैं| अब ना डर हैं जमाने का ना डर हैं मुसीबत के आने का | बस मन करे वो लिखते हैं, ना अब छिपते हैं ना छिपाते हैं | यहाँ संग्रह हैं तुकबंदियों का, कोशिश रहेगी की जब जब मौका मिले, नए नए डालता रहूँ|
Monday, October 27, 2014
कुछ तुकबंदिया -#8
एक दिन फिर ऐसी होगी सुबह
की चाँद भी ख़ुशी से ढल जायेगा
उजाला इतना होगा चारो ओर कि
मोहब्बत का नया संदेश जरुर आएगा
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