परिंदों के लिए जैसे जरुरी हैं आसमान
वैसे ही जिन्दगी के लिए जरुरी हैं अरमान
साँसे थम जाये तो जन्नत मिलती हैं,
अरमान न हो तो पाताल की गलियां!
वैसे ही जिन्दगी के लिए जरुरी हैं अरमान
साँसे थम जाये तो जन्नत मिलती हैं,
अरमान न हो तो पाताल की गलियां!
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