जिन्दगी क्या है जब पूछा मुझसे किसीने
कुछ देर सोचता रहा मैं खुद भी मन में
क्या जिन्दगी सिर्फ हैं हासिल करने का दूसरा नाम
क्या जिन्दगी सिर्फ हैं किसीको बनाना अपना मकाम?
जिन्दगी तो वो हैं जो दुसरो को खुशी दे
दर्द जितना भी हो दुसरो को जो हसी दे
वो जिन्दगी ही क्या जो खुदगर्जी से भरी हो
जिसमे सिर्फ एक इंसान की ख़ुशी बसी हो
जिदंगी तो वो हैं जो ना हो किसीके हाँ की मोहताज
दुसरो के दर्द का क्यों चाहिए सर हमारे ताज
बस बांटो खुशिया ऐसे की खेत हो खुशहाली के
बस खिल जाओ जैसे की तुम ही हो फुल माली के
आये हो लेकर ये जीवन तो कुछ तो ऐसा कर जाओ
भले ही तुम न खुश रहो पर अमर तुम बन जाओ
यही तो जिन्दगी हैं दोस्तों मेरे
यही तो सब कुछ हैं दोस्तों मेरे।।
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