शमा कह गयी दीवाने से,
तू भी एक दिन खिलेगा फूलों की तरह,
ख्वाइशों का सूरज निकलने के बाद।
दीवाना भी कह गया शमा से,
खिलूँगा मैं एक दिन ये तो तय हैं,
लेकिन सिर्फ मेरे चाँद को पाने के बाद।।
तू भी एक दिन खिलेगा फूलों की तरह,
ख्वाइशों का सूरज निकलने के बाद।
दीवाना भी कह गया शमा से,
खिलूँगा मैं एक दिन ये तो तय हैं,
लेकिन सिर्फ मेरे चाँद को पाने के बाद।।
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